"प्रथम पुरस्कार विजेता विदर्भ अंचल में प्रतिष्ठित आदर्श सोसाइटी  एवं स्टेट क्रेडिट कोआपरेटिव सोसाइटी के द्वारा प्रायोजित प्रतियोगिता के प्रथम पुरस्कार विजेता"

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बैंक लोगो के ऊपर आलोकित स्ट्रेप का अर्थ है विधर्भ क्षेत्र में प्रतिष्ठित आदर्श समाज के प्रथम पुरस्कार विजेता एवं राज्य क्रेडिट कोआपरेटिव फेडेरशन द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार विजेता

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हमारे बारे में

राजलक्ष्मी के माध्यम से आपके सपनों को साकार करें

राजलक्ष्मी मल्टी स्टेट क्रेडिट कोआपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड; महाराष्ट्र राज्य आधारित महाराष्ट्र राज्य का सहकारिता आन्दोलन है । इसकी स्थापना २ जून, सन २००० में अत्यंत कम मूलधन रु० २९७०० से हुई थी। प्रारम्भिक दौर पैर एक मध्यवित्त वर्ग का उद्यम - दूसरी पारी में खेलने वाले, अब यवतमल एवं महाराष्ट्र राज्य के उपनगरों के हजारों लोगों के लिए सनातन सांस है । सहकारिता आन्दोलन के नारे” सहयोगिता पराजित हो गयी- सहयोगिता जिंदाबाद" पर समाज ने कलम चला दी, और पड़ोसी राज्य आन्ध्र प्रदेश की और रुख किया और बहुराज्य उद्यम के रूप में प्रतिष्ठित हुई और केवल एक दशक के अंतराल में राजलक्ष्मी गुणवत्ता प्रबंधन के कारण  आज अंतर्राष्ट्रीय मानक संघटन द्वारा  आई. एस. ओ. ९००१-२००८ अनुमोदित है । हमारी बहु राज्य सोसाइटी ने "कोर बैंकिंग प्रौद्योगिकी" को लागू किया एवं प्राथमिकता दी, जिसके फलस्वरूप ग्राहक को  किसी भी शाखा से तात्कालिक, उत्तम एवं यथार्थ सेवा प्रदान की जा सकती है ।

 

सोसाइटी के संस्थापक एवं चेयरमैन श्री अरविन्द तायडे ने यवतमल में इस प्रकार के  कोआपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी चालु करने में अग्रणी भूमिका निभाई।  उन्ही के निरंतर कठिन  प्रयास से आज सोसाइटी इस स्थिति में है । उन्हें समाज के निर्धन वर्ग के क्लेश की अनुभूति थी। स्वयम सेवा के अभिप्रेरण से प्रभावित होकर, उन्होंने दलित वर्ग के आर्थिक समृद्धि के लिए संघर्ष किया ।  लघु ऋण, सहज किश्तें इस सोसाइटी की संस्कृति है ।  अतः सोसाइटी ने महाराष्ट्र अंचल के हृदय के क्षितिज में अपना स्थान मज़बूत कर लिया ।     

 

सामजिक ऋणग्रस्तता

आर्थिक वृत्त - खंड कार्यरत होने के दौरान सोसाइटी ने समाज के साथ अपने बंधन को अटूट रखा। सोसाइटी ने हर धर्म के लोगों का विवाह करवाया, वृक्षारोपण, संविधान मेल जोल, रक्तदान, सामाजिक शिक्षा के लिए  "कीर्तन महोत्सव", पल्स - पोलियो केंद्र, विभिन्न प्रकार की क्रीड़ा प्रतियोगिताएं, जीने की कला, स्वास्थ्य शिविर, "पैन्तांजलि-योगपीठ" के माध्यम से स्थायी योग प्रशिक्षण, समानता का पाठ, उत्साह वृद्धि के लिए मेधावी छात्रों का अभिनन्दन, सामजिक बंधन के  लिए - "नारी भ्रूण" हत्या के खिलाफ चेतना जागरण, आत्महत्या कारी कृषक के संतानों को छात्रवृत्ति, बाढ़ पीड़ितों की तुरंत सहायता, साहित्य प्रकाशन , नारी समितियों को प्रोत्साहन, साधारण ज्ञान निबंध प्रतियोगिता, आगामी पीढ़ी की रक्षा करना तथा सोसाइटी कई अन्य सामजिक उपयोगिता के कार्यक्रम में लिप्त है। शोकसंतप्त परिवार के प्रति शोक प्रकाश करने के लिए सोसाइटी के कोष से मृतदेह ढोने वाली गाड़ी का आयोजन किया गया ।

 

वर्षा के पानी का भण्डारण:

यह प्रक्रिया वर्षा के जल को एकत्रित करके भण्डारण कर उसके सूख जाने से पहले उसका पुनः व्यवहार करना है । इसका उपयोग पीने के लिए किया जाता है , पशुओं के पीने व धोने के लिए किया जाता है, सिंचाई के लिए तथा साथ ही साथ अन्य सामान्य उपयोग के लिए होता है । वर्ष का जल घर के छत से एकत्रित किया जाता है एवं कुछ सीमित संस्थाएं पीने के पानी प्राप्त करने में  महत्वपूर्ण योगदान कर सकते हैं ।

समाचारसमाचार

आगामी शाखा घतंजी

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'विदर्भ क्रेडिट सहकारी संघ' की और से  राजलक्ष्मी मल्टी स्टेट को  छठी  बार निरंतर प्रथम पुरस्कार मिला 

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इनकमिंग आरटीजीएस/एनइएफटी की सुविधा भी उपलब्ध

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अब अपने डीएमडी२ प्लान के साथ केवल ७० महीनों में ही अपने धन को दुगुना करें

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राजलक्ष्मी जमा व ऋण पर बहुत ही बढ़िया ब्याज दर की सुविधा प्रदान करती है

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सुविधाः एसएमएस बैंकिंग, एटीएम, इटंरनेट बैंकिंग, आरटीजीएस, एनइएफटी और डीडी

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राजलक्ष्मी का कार्य क्षेत्र महाराष्ट्र, आध्रं प्रदेश, मध्य प्रदेश, गोवा, छत्तीसगढ़, गुजरात और कर्नाटक है

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राजलक्ष्मी अब बहु राज्य और आइएसओ प्रमाणित संगठन ९००१-२००८ है।

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विदर्भ क्षेत्र के प्रतिष्ठित आदर्श समाज में लगातार पाँच वर्षों तक प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया।

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